तुम्हारा इंतज़ार रहता है हर पल

 तुम्हारा इंतज़ार रहता है हर पल


तुम्हारा इंतज़ार रहता है हर पल,

जैसे सावन को चाहता हो बादल।

हर आहट पर दिल धड़कने लगे,

आस तेरे आने की मचलने लगे।


तुम्हारी यादों का चिराग जलता है,

अंधेरों में उम्मीद सा चलता है।

हर सुबह तेरे नाम से सजती है,

हर रात तेरी याद में डूबती है।


खिड़कियों से झांकती है मेरी नजर,

हर परछाई में ढूंढे तेरा असर।

हवा के झोंके तेरा पता लाते हैं,

गुज़रे लम्हों की खुशबू दे जाते हैं।


चांदनी रातें तेरे गीत गाती हैं,

सितारे तेरा अक्स दिखाती हैं।

दिल की सरहद पर तेरा बसेरा है,

धड़कनों ने सिर्फ तुझको घेरा है।


तुम्हारे बिना ये आलम अधूरा है,

जैसे संगीत बिना साज अधूरा है।

तुम्हारी हर बात में जादू है,

तुम्हारी मुस्कान में कोई खुशबू है।


दिल का हर कोना तुझसे सजा है,

सपनों में हर दृश्य तेरा बना है।

तेरा इंतजार मेरी आदत बन गया,

हर लम्हा तेरे लिए समर्पित हो गया।


आओ, कि ये दिल बेकरार रहता है,

तुम्हारे बिना ये संसार सूना लगता है।

तुम्हारा इंतजार रहता है हर पल,

जैसे चांद का साथी हो सिर्फ बादल।


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