संजू सैमसन – आलोचना से आराधना तक
क्रिकेट भारत में केवल एक खेल नहीं है; यह भावनाओं का महासागर है, यह विश्वास का उत्सव है, यह करोड़ों दिलों की धड़कन है। जब भारत ने 2026 का टी-20 विश्व कप जीता, तो वह सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं थी—वह आत्मविश्वास, संघर्ष और सामूहिक शक्ति की विजय थी। Sachin Tendulkar बनना कठिन है। Don Bradman जैसा होना लगभग असंभव। Virat Kohli आज भी जुनून और निरंतरता का प्रतीक हैं। MS Dhoni को लोग भाग्यशाली कहते हैं, परंतु भाग्य केवल उसी का साथ देता है जो दबाव में शांत रहता है। और इन महान नामों के बीच खड़े हैं Sanju Samson—कभी सराहे गए, कभी आलोचना झेलते हुए, पर इस विश्व कप में मानो किसी दिव्य आत्मविश्वास से भरे हुए। क्वार्टर फाइनल से फाइनल तक – विश्वास की यात्रा हर विश्व कप अपनी कहानी लिखता है। क्वार्टर फाइनल में धैर्य की परीक्षा होती है। सेमीफाइनल में साहस की। और फाइनल में चरित्र की। इस अभियान में भारत ने केवल मैच नहीं जीते, बल्कि परिस्थितियों को हराया। दबाव को हराया। संदेह को हराया। जीत के असली नायक टूर्नामेंट केवल बड़े शॉट्स से नहीं जीते जाते; वे संतुलन से जीते जाते हैं। Axar Patel ने अपनी सधी हुई गेंदबाज़ी से ...