आँखों का मसला नहीं है...
आँखों का मसला नहीं है,दिल का मसला है। आँखें तो मिल गईं, मगर दिलों का मिलना अभी भी बाक़ी है। नज़रों ने तो पहचान लिया एक-दूसरे को, पर रूहों की क़रीबी का सफ़र अब भी अधूरा है। चेहरों पर मुस्कुराहटें हैं, बातों में अपनापन भी है, मगर मोहब्बत की वह सच्ची धड़कन अब भी कहीं बाकी है।