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स्थायित्व का भ्रम: शक्ति कभी स्थायी नहीं होती

स्थायित्व का भ्रम: शक्ति कभी स्थायी नहीं होती एक समय ऐसा भी था जब संयुक्त राज्य अमेरिका जैसा कोई देश अस्तित्व में नहीं था। वह भूमि थी, वहाँ लोग थे, सभ्यताएँ थीं, लेकिन “अमेरिका” नाम का आधुनिक राष्ट्र नहीं था। और इतिहास हमें यह सिखाता है कि जिस प्रकार चीज़ें अस्तित्व में आती हैं, उसी प्रकार वे बदलती भी हैं—कभी धीरे-धीरे, कभी अचानक। इसलिए यह कहना कि एक दिन अमेरिका भी अपने वर्तमान स्वरूप में नहीं रहेगा, कोई भविष्यवाणी नहीं है, बल्कि इतिहास के एक सामान्य नियम की समझ है। एक साधारण इतिहास का विद्यार्थी भी यह बात समझ सकता है कि शक्ति कभी स्थायी नहीं होती। उत्थान और पतन: इतिहास का नियम मानव इतिहास उन साम्राज्यों की कहानी है जो कभी अजेय प्रतीत होते थे, लेकिन समय के साथ समाप्त हो गए: रोमन साम्राज्य, जिसने यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बड़े हिस्सों पर शासन किया, अंततः बिखर गया। ब्रिटिश साम्राज्य, जिसके बारे में कहा जाता था कि “उस पर सूर्य कभी अस्त नहीं होता,” आज केवल इतिहास की पुस्तक का हिस्सा है। प्राचीन मिस्र, मेसोपोटामिया और मौर्य साम्राज्य—ये सभी अपने समय में अत्यंत शक्तिशाली थे, लेकिन आज केवल स...

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