"जो दुनिया से प्रेम करते हैं"



"जो दुनिया से प्रेम करते हैं"

जो तारों की चमक में सपने देखते हैं,
जो सूरज के ढलने में सुकून पाते हैं।
जो लहरों की आवाज़ में अपना दुःख बहा देते हैं,
जो हर सुबह को नवजीवन मान लेते हैं।

जो फूलों से बातें करते हैं,
जो पेड़ों की छाँव में विश्राम ढूंढते हैं।
जो चाँद की चुप्पी में उत्तर खोजते हैं,
जो बारिश की बूंदों को कविता समझते हैं।

वे लोग सच में सुंदर होते हैं,
जिन्हें बाहरी सजावट नहीं,
भीतर की शांति सुंदर लगती है।
जो किसी के रोने पर खुद भी नम हो जाते हैं,
जो मुस्कान बाँटने में थकते नहीं।

ऐसे ही लोगों से भर दूँ मैं अपनी ज़िंदगी,
जो दुनिया को देख मुस्कुराते हैं,
जो हर रंग में सौंदर्य देखते हैं,
जो जीते हैं – भावना से, सहानुभूति से, प्रेम से।




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