मैं तुम्हें संभाल लूँगा



मैं तुम्हें संभाल लूँगा

तुम जैसी हो, वैसी ही रहो,
तुम्हें बदलने की ज़रूरत नहीं,
मैं तुम्हें वैसे ही अपनाऊँगा,
जैसे धरती अपनाती है आकाश।

तेरी हर मुस्कान के पीछे का दर्द,
मेरी नज़रें पहचान लेंगी,
तुम्हारे होंठ हँसते रहेंगे,
पर मेरी आत्मा तेरे आँसू पढ़ लेगी।

छोटी-छोटी बातों पर तेरा रूठना,
मेरे लिए उपहार है,
क्योंकि उसमें छुपा होता है,
तेरा अधिकार जताने का अंदाज़।

तेरी ख़ामोशी का हर कोना,
मेरे दिल तक पहुँच जाएगा,
बिना बोले ही मैं समझ लूँगा,
तेरे मन का हर राज़।

तू मुझे कुछ न बताए तो भी,
मैं तेरी आँखों से पढ़ लूँगा,
तेरी धड़कनों की थरथराहट में,
तेरे मन का तूफ़ान सुन लूँगा।

मैं अपनी हर बात खोल दूँगा,
तेरे सामने बिना झिझक,
और बदले में बस चाहूँगा,
तू मुझे अपनेपन से छू ले।

तेरा हर दुख मेरा होगा,
तेरी हर थकान मेरी होगी,
तेरे सपनों की हर अधूरी कहानी,
मेरे जीवन का मकसद होगी।

तेरे अंदर जो खालीपन है,
मैं उसे भर दूँगा हँसी से,
तेरी रातें जो सूनी लगती हैं,
उन्हें रंग दूँगा चाँदनी से।

तू जब चुपचाप बैठेगी,
मैं तेरे दिल की धड़कन सुनूँगा,
तेरे मन की बेचैनी को,
अपने सुकून से ढक लूँगा।

तेरी आँखों की थकान पिघल जाएगी,
मेरे शब्दों की गर्माहट में,
तेरे होंठों की चुप्पी टूट जाएगी,
मेरे स्पर्श की रूहानियत में।

तेरी मुस्कान अधूरी लगे तो,
मैं अपना हृदय हँसी से भर दूँगा,
तेरे आँसुओं का हर कतरा,
अपनी पलकों पर सजा लूँगा।

तेरे हर सवाल का जवाब दूँगा,
भले तू पूछे या न पूछे,
तेरे मन की उलझनों को,
मैं अपने प्रेम से सुलझा दूँगा।

तेरे सारे डर मिटा दूँगा,
तेरे हर घाव भर दूँगा,
तेरे सपनों की राह में,
हर काँटा मैं सह लूँगा।

तू बस अपनी रहना,
मासूम और सच्ची,
मैं तेरे हर रूप को,
अपनी रगों में बसाऊँगा।

तेरी ख़ामोशी मेरी दुआ होगी,
तेरी हँसी मेरा जहाँ होगी,
तेरे संग जीना ही जीवन होगा,
तेरे संग मरना ही मोक्ष होगा।

तेरे भीतर जो तूफ़ान है,
मैं उसे गले लगाऊँगा,
तेरी बेचैनी को अपनी साँसों से,
धीरे-धीरे शांत कर जाऊँगा।

तेरा हाथ थाम कर चलूँगा,
हर अंधेरी राह में,
तेरे लिए मैं चिराग बनूँगा,
तेरे लिए आसमान बनूँगा।

तेरी थकन जब भारी होगी,
तो मेरा कंधा तेरा तकिया होगा,
तेरी नींद जब बिखर जाएगी,
तो मेरी बाँहें तेरा बिस्तर होंगी।

तेरे हर ख़्वाब को सच करने,
मैं अपनी नींदें कुर्बान कर दूँगा,
तेरे हर आँसू की जगह,
तेरे होंठों पर हँसी उगा दूँगा।

और जब तू टूटने लगेगी,
तो मैं तुझे थाम लूँगा,
तू जैसी है, वैसी ही रहना,
मैं तुझे संभाल लूँगा।



Comments

  1. You are superior in your thoughts process literally ♥️♥️

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular Posts