किसी स्थान से कम नहीं होते
किसी स्थान से कम नहीं होते
वे साधारण से दिखने वाले लोग,
जिनके पास न बड़े विद्यालयों की डिग्रियाँ होती हैं
न नाम के आगे लंबे-लंबे पद।
फिर भी जीवन की धूप-छाँव ने
उन्हें इतना कुछ सिखा दिया होता है
कि उनके दो शब्द
कई किताबों से भारी लगते हैं।
वे कम बोलते हैं,
पर जो कहते हैं
उसमें सच्चाई होती है,
उनकी आँखों में समय की कहानी
और अनुभव की गहराई होती है।
न उन्होंने दर्शन पढ़ा,
न जीवन पर बड़े-बड़े लेख लिखे,
फिर भी उनके सरल वाक्य
रास्ता दिखाने वाले दीपक बन जाते हैं।
क्योंकि जीवन की असली शिक्षा
कभी-कभी विद्यालयों में नहीं,
संघर्ष की पगडंडियों पर मिलती है,
जहाँ हर गिरना एक पाठ बन जाता है।
वे लोग जिनकी जेबें भले खाली हों,
पर अनुभव से भरा होता है मन,
वे समझा देते हैं वह सत्य
जिसे समझने में कई उम्र लग जाती है।
इसलिए कभी भी किसी को
उसकी पढ़ाई या पद से मत आँकना,
हो सकता है वही अनजान व्यक्ति
तुम्हें जीवन का सबसे बड़ा अर्थ समझा दे।
क्योंकि ज्ञान का मोल
कागज़ की डिग्री से नहीं होता,
वह तो जन्म लेता है
अनुभव, धैर्य और सच्चाई की धरती पर।
रूपेश रंजन
Comments
Post a Comment