मैं खुश हूँ तेरे साथ
मैं खुश हूँ तेरे साथ
ख़्वाबों की उस दुनिया में,
जहाँ न कोई दूरी है
न समय की कोई दीवार।
वहाँ तेरी हँसी
सुबह की पहली किरण जैसी लगती है,
और तेरी यादें
शाम की ठंडी हवा बन जाती हैं।
इस दुनिया में
न किसी का डर है,
न किसी का हक़,
क्योंकि यहाँ बस दिल की आवाज़ चलती है।
तू है तो हर ख्वाब
रंगों से भर जाता है,
और तेरे बिना
हर मंज़र थोड़ा अधूरा सा लगता है।
यहाँ कोई तुझे
मुझसे छीन नहीं सकता,
क्योंकि यह जगह
हमारी यादों से बनी है।
जहाँ हर पल
तेरा नाम गूँजता है,
और हर खामोशी
तेरी मौजूदगी का एहसास कराती है।
अगर दुनिया की भीड़
हमें कभी दूर कर दे,
तो भी यक़ीन रखना—
मेरे ख्वाबों की इस दुनिया में
तू हमेशा मेरे साथ रहेगी।
Comments
Post a Comment