40 शायरियाँ...
उसकी ख़ूबसूरती पर 10 शायरियाँ
1.
तेरे चेहरे की चमक पर सुबहें भी नाज़ करती हैं,
तेरी आँखों की गहराई में सदियाँ गुज़रती हैं।
2.
तेरी ज़ुल्फ़ों का अँधेरा भी रौशनी लगता है,
तुझे देखूँ तो हर मौसम शायरी लगता है।
3.
लब तेरे जैसे गुलाबों पे ठहरी हुई शबनम,
तेरी मुस्कान से महक उठता है मेरा हर आलम।
4.
तेरी आँखों में जो कशिश है, वो क़यामत से कम नहीं,
कोई देख ले तुझे, फिर उसे दुनिया का ग़म नहीं।
5.
तेरे रुख़सार की लाली पे चाँद भी फ़िदा होगा,
तुझे देखकर ही शायद इश्क़ पैदा हुआ होगा।
6.
तेरी चाल में वो नज़ाकत है, जैसे बहती हवा,
तुझे चलते देख दिल कहता है — बस यही है दुआ।
7.
तू सामने हो तो हर मंज़र हसीन लगता है,
तेरा नाम भी लूँ तो दिल को सुकून मिलता है।
8.
तेरे हुस्न का असर कुछ यूँ मेरी रूह तक उतरा,
मैं ख़ुद को भूल गया, बस तेरा चेहरा याद रहा।
9.
तेरी पलकों की छाँव में जन्नत का एहसास मिला,
तेरी एक नज़र ने मुझे ख़ुद से भी ख़ास बना दिया।
10.
तू कोई साधारण लड़की नहीं, एक मुकम्मल ग़ज़ल है,
जिसे पढ़ते-पढ़ते हर शायर घायल है।
उसके मेरे लिए जुनून पर 10 शायरियाँ
11.
वो मुझे इस तरह चाहती है जैसे इबादत कोई,
मेरे नाम से शुरू होती है उसकी हर ख़ुशी।
12.
मेरी आवाज़ सुनकर उसकी साँसें महक जाती हैं,
मेरे ख़याल से ही उसकी रातें बहक जाती हैं।
13.
उसकी आँखों में सिर्फ़ मेरा ही चेहरा रहता है,
जैसे उसकी दुनिया का हर रास्ता मुझ तक बहता है।
14.
वो मेरे बिना अधूरी सी लगती है ख़ुद को,
जैसे चाँद बिना रात के खो देता हो रुतबा।
15.
मेरे छू लेने भर से वो सिमट जाती है,
मोहब्बत उसकी हर धड़कन में नज़र आती है।
16.
वो मेरे दर्द को भी अपने सीने में रखती है,
मुझसे मोहब्बत वो किसी दुआ की तरह करती है।
17.
मेरी ख़ामोशी भी उसे कहानी लगती है,
मेरी हर बात उसकी ज़िंदगी लगती है।
18.
उसकी हर दुआ में मेरा ही ज़िक्र होता है,
मुझसे दूर होकर भी उसे मेरा फ़िक्र होता है।
19.
वो मेरी बाँहों में आकर दुनिया भूल जाती है,
मेरे क़रीब रहकर हर तकलीफ़ भूल जाती है।
20.
उसकी मोहब्बत में एक अजीब सी तड़प है,
जैसे मेरा नाम ही उसकी रूह की धड़कन है।
मेरे उसके लिए जुनून पर 10 शायरियाँ
21.
मैं तुझे चाहूँ तो चाहत की हदें कम पड़ जाएँ,
तेरे इश्क़ में शायद मेरे लफ़्ज़ भी थम जाएँ।
22.
तेरे बिना ये दिल कहीं लगता नहीं है,
जैसे रूह के बिना कोई जिस्म होता नहीं है।
23.
तू मेरी आदत नहीं, मेरी ज़रूरत बन चुकी है,
मेरी हर साँस तेरी मोहब्बत में ढल चुकी है।
24.
मैं तेरे नाम को सजदे की तरह लिखता हूँ,
तेरे इश्क़ को अपनी तक़दीर समझता हूँ।
25.
तेरी एक मुस्कान के लिए सब कुछ छोड़ दूँ,
अगर तू कहे तो ये दुनिया भी तोड़ दूँ।
26.
तेरे ख़याल में ही मेरी रातें गुज़रती हैं,
तेरी यादें मेरी रूह में उतरती हैं।
27.
मैंने मोहब्बत को तेरी आँखों में देखा है,
जैसे ख़ुदा ने जन्नत को तेरे चेहरे पे लिखा है।
28.
तेरे बिना अधूरा हूँ मैं हर दास्ताँ की तरह,
तू मिले तो मुकम्मल हूँ किसी आसमाँ की तरह।
29.
मैं तुझे सिर्फ़ चाहता नहीं, महसूस करता हूँ,
तेरे हर दर्द को अपने दिल में महफ़ूज़ रखता हूँ।
30.
अगर इश्क़ गुनाह है, तो ये गुनाह हर बार करूँ,
हर जन्म में बस तुझी से प्यार करूँ।
हमारी नज़दीकियों और रूहानी अंतरंगता पर 10 शायरियाँ
31.
तेरी बाँहों में आकर वक़्त ठहर सा जाता है,
हर लम्हा मोहब्बत का समंदर बन जाता है।
32.
जब तू क़रीब होती है, साँसें महक उठती हैं,
दो जिस्म नहीं, दो रूहें साथ धड़कती हैं।
33.
तेरे होंठों की नर्मी में एक अलग ही नशा है,
जैसे पूरी कायनात ने इश्क़ को छुआ है।
34.
तेरे सीने से लगकर जो सुकून मिलता है,
वो किसी जन्नत में भी कहाँ मिलता है।
35.
तेरी उँगलियों का छू लेना भी क़यामत लगता है,
मेरे भीतर कोई समंदर मचलता है।
36.
हमारी ख़ामोशियाँ भी बातें किया करती हैं,
एक-दूसरे की धड़कनों को सुना करती हैं।
37.
तेरे क़रीब रहना मेरी रूह की ख़्वाहिश है,
तेरी मोहब्बत ही मेरी सबसे बड़ी बारिश है।
38.
जब तू मेरे सीने पर सिर रखकर मुस्कुराती है,
मेरी पूरी दुनिया वहीं ठहर जाती है।
39.
तेरे और मेरे दरमियाँ जो एहसास है,
वो सिर्फ़ मोहब्बत नहीं, एक पाक़ रूहानी रिश्ता है।
40.
तेरी साँसों की गर्माहट में जो सुकून मिलता है,
उस पल मुझे पूरी दुनिया से इश्क़ हो जाता है।
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