शिक्षा का दीपक...
शिक्षा का दीपक
एक दीपक जब जलता है,
तो सौ अंधेरे मिट जाते हैं,
एक बेटी जब पढ़ती है,
तो सौ सपने साकार हो जाते हैं।
उसके हाथों में किताब हो,
उसकी आँखों में उजाला,
उसके कदमों में आत्मविश्वास,
और मन में हो हर सपना निराला।
ना कोई डर, ना कोई बाधा,
बस आगे बढ़ने की चाह हो,
हर बेटी के जीवन में,
ज्ञान का उजला प्रवाह हो।
जब वो आगे बढ़ेगी,
तो समाज भी आगे आएगा,
हर बेटी की सफलता से,
देश का मान बढ़ जाएगा।
नई सोच की शुरुआत
अब वक्त आ गया है,
पुरानी सोच को बदलने का,
हर बेटी को समान अधिकार,
और सम्मान देने का।
ना कोई भेद, ना कोई डर,
ना कोई बंधन की दीवार,
हर बेटी खुले आकाश में,
भर सके अपनी उड़ान अपार।
जब माँ-बाप उसका साथ देंगे,
तो वो हर ऊँचाई छू लेगी,
हर मुश्किल को पार कर,
नई राह खुद चुन लेगी।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ,
ये सिर्फ नारा नहीं है,
ये एक आंदोलन है,
जो हर दिल में बसा कहीं है।
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