तुझे मेरी याद तो आती होगी...
तुझे मेरी याद तो आती होगी,
रात की ख़ामोशी में तू भी तन्हा मुस्कुराती होगी,
जब कोई मेरा ज़िक्र तक नहीं करता,
तेरी धड़कन फिर भी मेरा नाम गुनगुनाती होगी।
तुझे मेरी याद तो आती होगी,
जब बारिश तेरी ज़ुल्फ़ों को छू जाती होगी,
किसी और के साथ होकर भी शायद,
मेरी कमी तेरी रूह तक उतर जाती होगी।
तुझे मेरी याद तो आती होगी,
जब चाँद तेरी खिड़की पे ठहर जाता होगा,
मेरे बिना अधूरी सी लगती होगी रात,
तभी तो तेरा दिल धीरे से भर आता होगा।
तुझे मेरी याद तो आती होगी,
मेरे लिखे ख़त अब भी छुपाकर रखे होंगे,
तू चाहे लाख इंकार कर ले मगर,
कुछ आँसू अब भी मेरे नाम पे बहे होंगे।
तुझे मेरी याद तो आती होगी,
जब कोई तुझे मेरी तरह चाहता नहीं होगा,
तब समझ आता होगा तुझे शायद,
इश्क़ हर किसी से दुबारा होता नहीं होगा।
तुझे मेरी याद तो आती होगी,
जब आईने में तू ख़ुद को देखती होगी,
मेरी वो दीवानगी, मेरी वो मोहब्बत,
तेरी आँखों में फिर से उतरती होगी।
तुझे मेरी याद तो आती होगी,
मेरे बिना जब दिल तेरा घबराता होगा,
भीड़ में रहकर भी तू तन्हा होकर,
चुपके से मेरा नाम दोहराता होगा।
तुझे मेरी याद तो आती होगी,
जब कोई तेरी ख़ामोशी समझता नहीं होगा,
तब मेरी बातें, मेरा साथ,
तेरे दिल को बहुत याद आता होगा।
तुझे मेरी याद तो आती होगी,
मेरी बाहों का एहसास सताता होगा,
जिस्म से दूर होकर भी मेरा इश्क़,
तेरी रूह को रोज़ छू जाता होगा।
तुझे मेरी याद तो आती होगी,
वरना यूँ रातों को नींद क्यों टूटती होगी,
मेरे जाने के बाद भी तेरी साँसों में,
मेरी मोहब्बत अब तक महकती होगी।
❤️❤️
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