बेटियाँ: पृथ्वी की सबसे कोमल शक्ति

बेटियाँ: पृथ्वी की सबसे कोमल शक्ति

बेटियाँ उस रौशनी की तरह होती हैं
जो खिड़की से चुपचाप भीतर आती है,
और बिना कुछ कहे
पूरा घर उजाला कर जाती है।

वे उस सुगंध की तरह हैं
जिसे देखा नहीं जा सकता,
पर जिसके होने से
हर मौसम सुंदर लगने लगता है।

जब वे जन्म लेती हैं,
तो केवल एक बच्ची नहीं आती,
साथ आता है
प्रेम का एक नया अध्याय,
आशाओं का नया सूरज,
और जीवन का एक कोमल संगीत।

उनकी छोटी-छोटी हथेलियों में
कितने बड़े सपने छिपे होते हैं,
वे मिट्टी से घर भी बनाती हैं
और कल्पनाओं से संसार भी।
बेटियाँ बारिश की पहली बूँद जैसी होती हैं,
जो सूखी धरती को राहत देती है,
वे चिड़ियों की उस उड़ान जैसी होती हैं
जो खुले आकाश का अर्थ समझाती है।

वे माँ की थकी आँखों का सुकून हैं,
पिता के संघर्षों की मुस्कान हैं,
भाई की सबसे सच्ची दोस्त,
और पूरे घर की धड़कन हैं।
पर दुनिया ने अक्सर
उनकी उड़ानों को नापना चाहा,
उनके सपनों पर
परंपराओं का बोझ रखना चाहा।

फिर भी बेटियाँ रुकी नहीं।
उन्होंने आँसुओं को
कमज़ोरी नहीं बनने दिया,
उन्होंने टूटकर भी
अपने भीतर उम्मीद बचाए रखी।

वे हर युग में
नई कहानी लिखती रही हैं—
कभी कलम बनकर,
कभी तलवार बनकर,
कभी दीपक बनकर,
तो कभी तूफ़ानों से लड़ती हुई दीवार बनकर।

बेटियाँ केवल रिश्ते निभाना नहीं जानतीं,
वे रिश्तों में प्राण भर देती हैं।
उनके होने से
घर सिर्फ मकान नहीं रहता,
वह एक जीवित एहसास बन जाता है।

उनकी हँसी में
नदी का संगीत बहता है,
उनकी आँखों में
पूरा आकाश चमकता है।
वे जब सपने देखती हैं,
तो सीमाएँ छोटी पड़ जाती हैं,
और जब आगे बढ़ती हैं,
तो समय की दिशा बदल जाती है।

उन्हें मत कहो
कि उनका संसार केवल चार दीवारें हैं,
क्योंकि वे तो वह शक्ति हैं
जो पूरे समाज का भविष्य बदल सकती हैं।

उन्हें शिक्षा दो,
सम्मान दो,
विश्वास दो,
और देखो—
वे अपने साहस से
कैसे असंभव को संभव बना देती हैं।

बेटियाँ उस दीपक की लौ हैं
जो आँधियों में भी जलती रहती है,
वे उस वृक्ष की छाँव हैं
जो खुद धूप सहकर
दूसरों को ठंडक देती है।

उनके बिना यह संसार
कितना सूना, कितना अधूरा होता,
जैसे बिना चाँद के रात,
जैसे बिना सुर के कोई गीत।

बेटियाँ ईश्वर की वह कविता हैं
जिसमें प्रेम भी है,
संघर्ष भी,
त्याग भी,
और अनंत साहस भी।

इसलिए उन्हें केवल जीने मत दो,
उन्हें खुलकर उड़ने दो,
क्योंकि जब बेटियाँ मुस्कुराती हैं,
तब पूरी दुनिया
थोड़ी और सुंदर हो जाती है।

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