बेटियाँ: समय की सबसे सुंदर रचना
बेटियाँ: समय की सबसे सुंदर रचना
बेटियाँ उस सुबह की तरह होती हैं
जो धीरे-धीरे रात की उदासी मिटाती है,
वे उस शांत दीपक-सी होती हैं
जो बिना शोर किए उजाला फैलाती है।
जब वे जन्म लेती हैं,
तो घर में केवल एक नई धड़कन नहीं आती,
साथ आता है
स्नेह का नया मौसम,
विश्वास का नया आकाश,
और सपनों का एक नया संसार।
उनकी मासूम हँसी
थके हुए दिनों को भी हल्का कर देती है,
उनकी छोटी-सी मुस्कान
कई अधूरे दुखों को चुपचाप भर देती है।
वे मिट्टी में खेलती हुई बच्चियाँ भी हैं,
और समय से लड़ती हुई स्त्रियाँ भी।
वे चिड़ियों की तरह स्वतंत्र होना चाहती हैं,
और पर्वतों की तरह अडिग भी रहना जानती हैं।
बेटियाँ केवल किसी घर की ज़िम्मेदारी नहीं,
वे उस घर की आत्मा होती हैं।
उनके होने से
रिश्तों में गर्माहट रहती है,
दीवारों में जीवन रहता है,
और आँगन में हँसी रहती है।
वे माँ के अधूरे सपनों का विस्तार हैं,
पिता की उम्मीदों की चमक हैं,
और आने वाले समय की
सबसे उजली संभावना हैं।
पर दुनिया ने उन्हें
अक्सर कमज़ोर समझने की भूल की,
उनके साहस को
उनकी चुप्पी के पीछे छुपा हुआ नहीं देख पाया।
वे सहती रहीं,
पर टूटी नहीं।
वे रोईं भी,
पर रुकी नहीं।
हर कठिन मोड़ पर
उन्होंने अपने भीतर से
एक नई शक्ति खोज ली।
बेटियाँ नदी की तरह होती हैं—
रास्ते रोकने से भी नहीं रुकतीं,
वे अपना मार्ग स्वयं बना लेती हैं।
वे फूल भी हैं
और काँटों से लड़ने का साहस भी।
वे बारिश भी हैं
और तपते दिनों की छाँव भी।
जब एक बेटी पढ़ती है,
तो केवल उसका जीवन नहीं बदलता,
पूरे समाज की सोच बदलती है।
जब एक बेटी आगे बढ़ती है,
तो कई बंद दरवाज़े
हमेशा के लिए खुल जाते हैं।
उनके सपनों को छोटा मत करो,
क्योंकि उनकी उड़ान
आकाश से भी बड़ी हो सकती है।
उन्हें डर नहीं,
विश्वास चाहिए।
उन्हें सीमाएँ नहीं,
अवसर चाहिए।
बेटियाँ वह गीत हैं
जो पीढ़ियों तक गूँजते हैं,
वह दुआ हैं
जो हर घर को रोशन करती है।
वे खेतों में मेहनत बनती हैं,
विद्यालयों में ज्ञान बनती हैं,
सीमाओं पर साहस बनती हैं,
और घरों में प्रेम की भाषा बनती हैं।
उनकी आँखों में
भविष्य चमकता है,
उनकी हँसी में
पूरी पृथ्वी की मासूमियत बसती है।
बेटियाँ इस दुनिया की
सबसे शांत क्रांति हैं,
जो प्रेम से
समय का चेहरा बदल देती हैं।
इसलिए उन्हें केवल सुरक्षित मत रखो,
उन्हें स्वतंत्र भी रहने दो।
उन्हें केवल सुनो मत,
उन्हें समझो भी।
क्योंकि जिस दिन
हर बेटी बिना भय के सपने देखेगी,
उस दिन यह संसार
सचमुच प्रकाश से भर जाएगा।
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