कहानी का अंत शायद पहले ही तय होता है।... By Rupesh Ranjan
कहानी का अंत शायद पहले ही तय होता है।
कौन कब आएगा,
कौन कब दूर चला जाएगा,
यह सब समय अपने भीतर
पहले से लिखकर रखता है।
इस संसार में
कुछ भी स्थायी नहीं है।
न रिश्ते,
न लोग,
न भावनाएँ,
और न ही साथ निभाने के वादे।
जो आज आपका है,
वह कल किसी और दिशा में जा सकता है।
और जो आज दूर है,
वह कभी अचानक आपकी ज़िंदगी का
सबसे सुंदर हिस्सा बन सकता है।
प्रकृति बड़ी शांत होकर
अपना काम करती है।
वह किसी को बिना कारण नहीं मिलाती,
और बिना कारण किसी को दूर भी नहीं करती।
हर व्यक्ति
किसी न किसी उद्देश्य से
हमारी कहानी में आता है।
कुछ लोग हमें प्रेम सिखाते हैं,
कुछ धैर्य,
कुछ त्याग,
और कुछ यह समझा जाते हैं
कि हर चाहत पूरी होना ही
खुशी नहीं होती।
इसलिए किसी के जाने पर
स्वयं को मत तोड़ो।
जो चला गया,
वह शायद उतने समय तक ही
आपकी कहानी का हिस्सा था।
जिंदगी हर दिन
एक नया पन्ना खोलती है।
नए लोग,
नई संभावनाएँ,
नई सीखें
चुपचाप हमारे दरवाज़े पर आती रहती हैं।
हमें बस इतना करना है
कि बीते हुए को सम्मान से विदा करें
और आने वाले कल का
खुले दिल से स्वागत करें।
क्योंकि हम केवल किरदार हैं,
और समय…
अपनी कहानी लिखना
बहुत पहले ही शुरू कर चुका होता है।
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