बेटी: अस्तित्व की अनसुनी आवाज़
बेटी: अस्तित्व की अनसुनी आवाज़
जब समय की धूल जमी थी
सोच के पुराने आईनों पर,
तब एक नन्हीं कली ने
धीरे से दस्तक दी जीवन के द्वार पर।
पर स्वागत में फूल कम थे,
प्रश्न अधिक थे, ताने अधिक,
जैसे जन्म नहीं, कोई बोझ हो,
जैसे खुशी नहीं, कोई ऋण अधिक।
क्यों भूल जाते हो तुम,
कि वही तो पहली धड़कन है,
जो माँ के भीतर जीवन बनकर
हर पीड़ा को मधुर स्पंदन है।
वो सिर्फ एक नाम नहीं,
वो वंश की परिभाषा से परे है,
वो पहचान है उस संवेदना की,
जो मनुष्य को मनुष्य करे है।
फिर भी तुमने बाँट दिया उसे,
रिवाज़ों के ठंडे खाँचों में,
उसके पंख कतर दिए तुमने
सामाजिक डर के साँचों में।
पर क्या सच में रोक पाओगे
उस लहर को जो सागर बने?
क्या थाम पाओगे उस रोशनी को
जो सूरज की तरह प्रखर जले?
वो उठेगी, फिर भी उठेगी,
हर ठोकर को सीढ़ी बनाकर,
वो लिखेगी अपनी तक़दीर
हर आँसू को स्याही बनाकर।
जब उसे अक्षरों से दोस्ती होगी,
तो वो सीमाएँ पढ़ना सीख जाएगी,
जो अब तक दीवार बनी थीं,
उन्हें रास्ता करना सीख जाएगी।
किताबें केवल शब्द नहीं,
वे चेतना की चाभियाँ हैं,
जो बंद पड़े विचारों के द्वार
खोलने की सच्ची साधनियाँ हैं।
जब वो पढ़ेगी, तो देखेगी
दुनिया के अनगिन आयाम,
वो समझेगी अपने भीतर
छुपा हुआ अदृश्य मुकाम।
वो पूछेगी सवाल,
जो वर्षों से दबे पड़े थे,
वो तोड़ेगी खामोशी,
जो डर के नीचे जड़े पड़े थे।
और शायद तभी शुरू होगा
वास्तविक परिवर्तन का काल,
जब हर बेटी अपने शब्दों से
लिखेगी अपना ही भूगोल।
वो खेतों में हरियाली होगी,
वो विज्ञान की नई खोज बनेगी,
वो अदालत में न्याय की आवाज़,
और संसद में नई सोच बनेगी।
पर ये सब तभी संभव है
जब तुम उसे अवसर दोगे,
उसकी राहों में काँटे नहीं,
विश्वास के दीपक संजो दोगे।
बेटी बचाओ —
क्योंकि अस्तित्व ही प्रथम अधिकार है,
बेटी पढ़ाओ —
क्योंकि ज्ञान ही असली शस्त्र और आधार है।
ये कोई योजना भर नहीं,
ये मानवता का विस्तार है,
जहाँ हर जीवन को मिले सम्मान,
वही सच्चा संसार है।
सोचो, अगर हर बेटी मुस्काए,
तो कितनी बदल जाएगी ये दुनिया,
हर घर में गूंजेगी रोशनी,
हर दिल में बस जाएगी धुन नईया।
वो डर से नहीं, विश्वास से जिए,
वो झुके नहीं, अपने बल पर खड़ी हो,
वो किसी की छाया नहीं,
खुद अपनी पहचान बड़ी हो।
तो आओ आज ये प्रण करें,
हर बंधन को तोड़ेंगे हम,
हर बेटी के सपनों के संग
नई सुबह को जोड़ेंगे हम।
क्योंकि जब वो आगे बढ़ेगी,
तभी तो देश आगे जाएगा,
हर बेटी के उजले भविष्य से
भारत का सूरज और चमक जाएगा।
❤️❤️❤️
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