मैं इतना सुंदर हूँ या नहीं...
मैं इतना सुंदर हूँ या नहीं,
यह मुझे स्वयं भी नहीं पता।
दर्पण ने कभी
मेरे मन की गहराइयों को नहीं पढ़ा,
उसने केवल चेहरा देखा है।
मैं इतना सक्षम हूँ या नहीं,
यह भी मैं ठीक से नहीं कह सकता।
जीवन की इस लंबी दौड़ में
कभी स्वयं को मजबूत पाया,
तो कभी परिस्थितियों के आगे
अंदर ही अंदर टूटता हुआ भी देखा।
मैं प्रकर्मी हूँ या ज्ञानी,
यह निर्णय भी मैं कैसे करूँ?
क्योंकि जितना संसार को समझा,
उतना ही स्वयं को अधूरा पाया।
ज्ञान का सागर इतना विशाल है
कि मनुष्य का अभिमान
उसके सामने रेत के कण जैसा लगता है।
पर एक बात है
जिस पर मुझे कोई संशय नहीं।
एक सत्य ऐसा है
जो हर डर, हर भ्रम, हर असमंजस से परे है।
तुम मुझे हमेशा
अपने पास पाओगी।
जब समय तुम्हारे विरुद्ध होगा,
जब सारी दिशाएँ मौन हो जाएँगी,
जब अपने भी दूर खड़े दिखाई देंगे,
तब भी मैं वहीं रहूँगा—
तुम्हारे निकट,
तुम्हारे विश्वास के साथ।
मैं शायद दुनिया का
सबसे श्रेष्ठ व्यक्ति न बन सकूँ,
न ही इतिहास मेरे नाम को याद रखे,
पर तुम्हारे जीवन में
एक सच्चे साथ की कमी
कभी नहीं आने दूँगा।
मेरे शब्द भले साधारण हों,
पर भावनाएँ छल से रहित हैं।
मेरा प्रेम शोर नहीं करता,
वह शांत नदी की तरह
निरंतर बहता रहता है।
तुम्हारी मुस्कान में
मुझे अपने दिन का उजाला मिलता है,
और तुम्हारी उदासी
मेरे भीतर अनकहे दर्द की तरह उतर जाती है।
तुम्हारे साथ बिताया हुआ हर क्षण
मेरे लिए किसी उत्सव से कम नहीं।
तुम्हारी बातें,
तुम्हारी चुप्पियाँ,
तुम्हारा सहज होना—
सब कुछ मन को
एक अनोखी शांति देता है।
हाँ, संसार में
और भी लोग हैं,
अनगिन चेहरे, अनगिन रिश्ते।
पर हर व्यक्ति
हृदय को वैसा स्पर्श नहीं देता
जैसा कुछ विशेष आत्माएँ दे जाती हैं।
तुम्हारे भीतर जो सरलता है,
जो सम्मान है,
जो अपनापन है,
वही तुम्हें सबसे अलग बनाता है।
और शायद इसी कारण
मेरा मन तुम्हारे पास
बार-बार लौट आता है।
मैं यह नहीं कहता
कि मैं पूर्ण हूँ,
न ही यह कि मुझमें कोई कमी नहीं।
पर इतना अवश्य कहूँगा
कि मेरे मन में तुम्हारे लिए
जो स्थान है,
वह सच्चा है, निर्मल है।
समय बदल सकता है,
ऋतुएँ बदल सकती हैं,
लोगों के विचार बदल सकते हैं,
पर कुछ भावनाएँ
समय से भी अधिक स्थिर होती हैं।
तुम्हारे प्रति मेरा साथ,
मेरा सम्मान,
और मेरा प्रेम—
उन्हीं स्थिर भावनाओं में से एक है।
और यह बात
मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ—
कि चाहे जीवन
कितने भी कठिन मोड़ क्यों न ले,
तुम मुझे हमेशा
अपने पास पाओगी।
यह बात मैं
सौ फ़ीसदी कह सकता हूँ।
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