बेटियाँ: जीवन की सबसे मधुर धुन

बेटियाँ: जीवन की सबसे मधुर धुन

बेटियाँ उस बाँसुरी की धुन हैं
जो दूर तक सुनाई देती है,
और सुनने वाले के मन में
धीरे-धीरे उजाला भर देती है।

वे उस पहली बारिश की तरह हैं
जो तपती धरती को राहत देती है,
वे उस चाँदनी जैसी हैं
जो खामोश रातों को भी सुंदर बना देती है।

जब वे जन्म लेती हैं,
तो केवल एक बच्ची नहीं आती,
साथ आता है
घर में हँसी का मौसम,
सपनों का नया आकाश,
और उम्मीदों की अनगिनत किरणें।

उनकी छोटी आँखों में
पूरा ब्रह्मांड चमकता है,
उनके छोटे हाथों में
भविष्य की दिशा पलती है।

वे मिट्टी में खेलती हैं,
कागज़ की नाव बनाती हैं,
और धीरे-धीरे
समय के कठिन समंदर को पार करना सीख जाती हैं।

बेटियाँ बहुत गहरी होती हैं।
वे अक्सर अपने हिस्से का दुख
मुस्कान के पीछे छुपा लेती हैं,
और दूसरों के टूटे मन को
अपने स्नेह से जोड़ देती हैं।

वे माँ की थकान समझती हैं,
पिता की खामोशी पढ़ती हैं,
और बिना कहे ही
हर दर्द का अर्थ जान लेती हैं।

बेटियाँ केवल कोमलता नहीं,
वे संघर्ष का दूसरा नाम हैं।
वे आँधी में जलते दीपक की तरह
हर कठिन समय में डटी रहती हैं।

कभी वे नदी बनती हैं—
जो रुकना नहीं जानती,
कभी पर्वत बनती हैं—
जो झुकना नहीं जानता।

दुनिया ने कई बार
उनके सपनों की ऊँचाई नापनी चाही,
पर वे हर सीमा से आगे निकल गईं।
उन्होंने यह साबित किया
कि साहस का कोई लिंग नहीं होता,
और सपनों का कोई छोटा-बड़ा आकार नहीं होता।

जब बेटियाँ पढ़ती हैं,
तो समाज का अँधेरा कम होने लगता है,
जब बेटियाँ आगे बढ़ती हैं,
तो भविष्य का चेहरा बदलने लगता है।

वे खेतों में मेहनत बनती हैं,
विद्यालयों में ज्ञान बनती हैं,
अस्पतालों में सेवा बनती हैं,
और सीमाओं पर साहस बनती हैं।
उनके बिना यह संसार
सिर्फ भीड़ बनकर रह जाएगा,
क्योंकि संवेदनाओं की असली धड़कन
बेटियों के हृदय में बसती है।

वे घर की दीवारों पर
रंगों की तरह फैलती हैं,
और रिश्तों को
जीने लायक बनाती हैं।
उन्हें मत बाँधो
पुराने विचारों की जंजीरों में,
वे हवा हैं—
खुले आसमान में ही खिलती हैं।

उन्हें मत रोको
ऊँचे सपने देखने से,
क्योंकि उनकी उड़ान
समय को भी पीछे छोड़ सकती है।
बेटियाँ ईश्वर की वह रचना हैं
जिसमें प्रेम भी है,
धैर्य भी,
संघर्ष भी,
और एक असीम प्रकाश भी।

इसलिए उन्हें केवल बचाइए मत,
उन्हें सम्मान दीजिए,
उन्हें अवसर दीजिए,
उन्हें विश्वास दीजिए।
क्योंकि जिस दिन
हर बेटी अपने सपनों तक पहुँच जाएगी,
उस दिन यह दुनिया
पहले से कहीं अधिक सुंदर हो जाएगी।

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