तू मेरे लिए एक फूल है...
तू मेरे लिए एक फूल है,
नाज़ुक, खूबसूरत, ख़ुशबू से भरपूर।
तेरी हर अदा में जैसे बहार बसती है,
तेरी मुस्कान से ही खिलता है मेरा नूर।
जैसे सुबह की ओस से भीगा कोई गुलाब,
वैसे ही तू दिल को छू जाती है बेहिसाब।
तेरे होने से रंगीन हो जाती है ये दुनिया,
वरना हर रंग लगता था बस ख़्वाब।
मैं माली बनकर तुझे सँवारता रहूँ,
तेरी हर पंखुड़ी को प्यार से निखारता रहूँ।
तेरे हर दर्द को अपने दिल में छुपा लूँ,
तुझे हर बुराई से दूर संभालता रहूँ।
तेरी ख़ुशबू से महकता है मेरा हर एहसास,
तेरे बिना सूना है हर पल, हर साँस।
तू पास हो तो जैसे जन्नत मिल जाती है,
तू दूर हो तो अधूरा लगता है हर विश्वास।
तू कोई साधारण फूल नहीं, मेरी ज़िंदगी का सार है,
मेरी हर धड़कन, हर ख्वाहिश तुझसे ही तैयार है।
सच कहूँ तो अब ये दिल बस इतना जानता है—
तू ही मेरी मोहब्बत, तू ही मेरा हर बहार है।
Comments
Post a Comment