कौन आता है, कौन जाता है......
कौन आता है, कौन जाता है,
ये रास्ते कब याद रखते हैं।
कल मेरी आहट थी यहाँ,
कल किसी और की होगी।
बेवजह लोगों को
मेरी वजह से तकलीफ़ हो,
यह बात दिल को मंज़ूर नहीं।
मैं तो बस
खामोशी की तरह आया था,
और एक दिन
खामोशी की तरह चला जाऊँगा।
न शिकायत छोड़ूँगा,
न कोई शोर,
बस कुछ अधूरी यादें
हवाओं में बिखर जाएँगी।
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