तू भूल सकती है… मैं कैसे भूल जाऊँ

 1. 


तू भूल सकती है… मैं कैसे भूल जाऊँ,

तेरी मोहब्बत को दिल से कैसे निकाल पाऊँ,

तूने तो शायद वक़्त के साथ समझौता कर लिया,

मैं आज भी तेरे नाम पर बिखर जाऊँ।


2. 


तू भूल सकती है… मैं कैसे भूल जाऊँ,

तेरी आवाज़ की लरज़िश कहाँ से मिटाऊँ,

हर शाम तेरी यादों का धुआँ उठता है दिल में,

अब बता इस जलते हुए दिल को कहाँ ले जाऊँ।


3. 


तू भूल सकती है… मैं कैसे भूल जाऊँ,

तेरी आँखों का वो नशा कैसे भुलाऊँ,

जिस इश्क़ को सजदा समझकर जिया था मैंने,

उसे एक लम्हे में कैसे दफ़नाऊँ।


4. 


तू भूल सकती है… मैं कैसे भूल जाऊँ,

तेरे बिना इस रूह को कैसे समझाऊँ,

तू तो शायद किसी और दुनिया में मशग़ूल है,

मैं हर रात तेरी याद में ख़ुद को मिटाऊँ।


5. 


तू भूल सकती है… मैं कैसे भूल जाऊँ,

मेरी साँसों में अब भी तेरा असर बाकी है,

तूने छोड़ा होगा मुझे आसानी से मगर,

मेरे इश्क़ में आज भी वही जुनून बाकी है।

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