तू मेरी रूह में ऐसे बसी है जैसे सांसों में जान...


तू मेरी रूह में ऐसे बसी है जैसे सांसों में जान,
तेरे बिना हर खुशी लगती है बेनाम।
मैं हर धड़कन में तुझे महसूस करता हूँ,
तू ही मेरा इश्क़, तू ही मेरी पहचान।

तेरी आँखों में डूबकर खुद को पाया है,
तेरी मोहब्बत ने ही जीना सिखाया है।
अब कोई ख्वाहिश बाकी नहीं इस दिल में,
क्योंकि तुझे ही अपना खुदा बनाया है।

तू दूर हो तो दिल बिखरने लगता है,
हर लम्हा जैसे ठहरने लगता है।
तेरी एक झलक ही काफी है जीने को,
वरना ये दिल हर पल मरने लगता है।

तेरे नाम से ही शुरू होती है मेरी हर सुबह,
तेरे ख्यालों में ही ढलती है हर शाम।
तू ही मेरी हर दुआ का हिस्सा है,
तेरे बिना अधूरी है मेरी हर पहचान।

तू मिले तो लगता है सब कुछ मिल गया,
तेरे बिना हर सपना अधूरा रह गया।
मैंने दुनिया से कुछ और माँगा ही नहीं,
बस तुझे चाहा और तुझमें ही खो गया।

तेरी हँसी मेरी सबसे बड़ी दौलत है,
तेरा साथ मेरी सबसे बड़ी राहत है।
इस दिल को अब और कुछ नहीं चाहिए,
तेरी मोहब्बत ही मेरी हकीकत है।

मैं तुझे चाहूँ ऐसे जैसे कोई आखिरी ख्वाहिश हो,
तू मिले जैसे पूरी हुई हर ख्वाहिश हो।
तेरे बिना ये दिल कुछ भी नहीं,
तू ही मेरी हर धड़कन की साजिश हो।

तेरे बिना ये दिल कहीं लगता नहीं,
तेरे सिवा कोई अपना लगता नहीं।
मैं जी रहा हूँ बस तेरे सहारे,
वरना ये जीवन अब चलता नहीं।

तू मेरी जिंदगी की सबसे खूबसूरत गलती है,
जिसे सुधारने की कोई चाहत नहीं।
तेरी मोहब्बत में जो सुकून मिला है,
वो कहीं और पाने की इजाज़त नहीं।

तेरे प्यार में खुद को मिटा देना चाहता हूँ,
तेरी हर खुशी में मुस्कुराना चाहता हूँ।
अगर इश्क़ का कोई आखिरी मुकाम हो,
तो मैं तुझे वहाँ तक ले जाना चाहता हूँ।

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