मेरा भारत...
1. मेरा भारत
यह भूमि केवल मिट्टी नहीं,
यह ऋषियों के स्वप्नों की धरा है,
जहाँ गंगा की लहरों में
सभ्यता का संगीत बहता है।
यहाँ खेतों में
किसानों का पसीना
राष्ट्रगान बनकर चमकता है,
और सीमा पर खड़ा सैनिक
अपने प्राणों से
तिरंगे की गरिमा लिखता है।
मेरा भारत
सिर्फ़ नक्शे का एक देश नहीं,
यह करोड़ों धड़कनों का
एक साझा विश्वास है।
2. तिरंगा
जब तिरंगा
आकाश में लहराता है,
तो सिर्फ़ कपड़ा नहीं उड़ता,
पूरे राष्ट्र का स्वाभिमान
हवा में चमक उठता है।
उसके केसरिया रंग में
बलिदानों की अग्नि है,
श्वेत में
शांति की पवित्रता,
और हरे रंग में
जीवन की अनंत आशाएँ।
जिस दिन
हर नागरिक
तिरंगे का सम्मान
अपने चरित्र में उतार लेगा,
उसी दिन
भारत सचमुच महान बनेगा।
3. सैनिक
वह बर्फ़ीली रातों में भी
जागता रहता है,
ताकि हमारा देश
निश्चिंत होकर सो सके।
उसके पैरों के नीचे
पत्थर होते हैं,
पर हृदय में
मातृभूमि के लिए
अटूट प्रेम।
वह जानता है
कि मृत्यु कभी भी आ सकती है,
फिर भी
मुस्कुराकर सीमा पर खड़ा रहता है।
देशभक्ति
शब्दों से नहीं,
बलिदानों से लिखी जाती है।
4. स्वतंत्रता
यह स्वतंत्रता
हमें यूँ ही नहीं मिली,
इसके पीछे
असंख्य क्रांतिकारियों की
चीखें, यातनाएँ और बलिदान हैं।
किसी ने फाँसी को गले लगाया,
किसी ने जेलों में
अपनी जवानी खो दी।
आज यदि हम
स्वतंत्र आकाश में साँस लेते हैं,
तो यह
उन अमर आत्माओं का ऋण है।
देश से प्रेम
सिर्फ़ नारों में नहीं,
अपने कर्मों में दिखाई देना चाहिए।
5. मातृभूमि
हे मातृभूमि,
तेरी धूल भी
मेरे लिए चंदन है।
तेरी नदियाँ
मेरे रक्त में बहती हैं,
तेरे पर्वत
मेरे साहस की पहचान हैं।
यदि कभी
तेरी रक्षा के लिए
मुझे अपने प्राण देने पड़ें,
तो वह मृत्यु नहीं,
मेरे जीवन का सबसे बड़ा गौरव होगा।
क्योंकि
जिसे अपने देश से प्रेम नहीं,
उसका अस्तित्व भी
अधूरा है।
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