तेरे बिना अब साँस लेना भी अधूरा सा लगता है...
तेरे बिना अब साँस लेना भी अधूरा सा लगता है,
जैसे धड़कनों का होना भी बेवजह सा लगता है।
तू नहीं तो इस जहाँ में कुछ भी मेरा नहीं,
तेरे बिना ये दिल कहीं ठहरता ही नहीं।
तू है तो हर दर्द भी मीठा सा लगने लगता है,
तू नहीं तो हर लम्हा सज़ा सा लगने लगता है।
मैं जी तो रहा हूँ मगर ज़िंदगी नहीं है,
तेरे बिना इस दिल में कोई रोशनी नहीं है।
तेरी आदत सी हो गई है मुझे हर पल,
तेरे बिना हर खुशी भी लगती है विफल।
तू दूर जाए तो साँसें भी घबराने लगती हैं,
तेरी यादें ही बस मुझे जीने का सहारा बनती हैं।
मैं चाहूँ भी तो तुझे भूल नहीं सकता,
इस दिल से तेरा नाम निकाल नहीं सकता।
तू ही मेरी हर दुआ, तू ही मेरी ज़रूरत है,
तेरे बिना मेरी दुनिया जैसे बिखरती मूरत है।
अगर तू साथ है तो हर राह आसान लगे,
तेरे बिना हर मंज़िल वीरान लगे।
तू ही मेरा सुकून, तू ही मेरी जान है,
तेरे बिना जीना अब नामुमकिन सा अरमान है।
ये इश्क़ नहीं, मेरी पूरी ज़िंदगी है तू,
मेरे हर ख्वाब की आख़िरी बंदगी है तू।
सच कहूँ तो अब ये दिल बस इतना जानता है—
तेरे बिना जीना नहीं, बस मर जाना आसान लगता है।
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