तेरे होने से ही मेरी दुनिया मुकम्मल लगती है...

तेरे होने से ही मेरी दुनिया मुकम्मल लगती है,
जैसे सूनी राहों पर कोई मंज़िल सजती है।
तू मिले तो हर ख्वाब हकीकत सा लगे,
तू बिछड़े तो हर खुशी अधूरी सी लगे।

तेरी आँखों में जो गहराई है, उसमें खो जाना चाहता हूँ,
तेरी हँसी की वो मिठास, हर रोज़ पाना चाहता हूँ।
तेरे लबों से निकले हर शब्द जैसे गीत बन जाए,
तेरी हर एक बात मेरी तक़दीर लिख जाए।

तू साथ हो तो मौसम भी रंग बदल देता है,
सूखा सा दिल भी फिर से धड़कने लगता है।
तेरे स्पर्श में वो जादू है, जो रूह तक उतर जाए,
तेरे बिना ये जीवन जैसे ठहर सा जाए।

मैं हवा बन जाऊँ, तेरे ज़ुल्फ़ों को छूता रहूँ,
मैं बारिश बन जाऊँ, तेरे संग बरसता रहूँ।
मैं धूप बन जाऊँ, तेरी राहों को रोशन कर दूँ,
मैं छाँव बन जाऊँ, तुझे हर दर्द से बचा लूँ।

तेरी हर ख़ामोशी में भी इक कहानी छुपी है,
तेरे हर एहसास में मेरी ज़िंदगी बसी है।
तू जो पास हो, तो कोई ग़म पास नहीं आता,
तेरी मोहब्बत से बड़ा कोई अरमान नहीं भाता।

तू ही मेरी सुबह की पहली किरण है,
तू ही मेरी रातों की सुकून भरी शरण है।
तेरे बिना ये दिल कहीं लगता ही नहीं,
तेरे सिवा कोई अपना लगता ही नहीं।

तेरे नाम से ही मेरी पहचान है,
तेरी चाहत ही मेरी जान है।
अगर ये इश्क़ एक सफ़र है, तो तू मेरी राह है,
अगर ये ज़िंदगी एक कहानी है, तो तू उसकी हर चाह है।

चलते-चलते भी बस यही ख्वाहिश रहती है,
हर जन्म में तू ही मेरी मोहब्बत बनकर मिलती है।
ये दिल तुझसे ही शुरू, तुझ पर ही खत्म होता है,
तू ही मेरी दुनिया, तू ही मेरा हर एक सपना होता है।

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