तुम मेरी सबसे गहरी लत हो

7. तुम मेरी सबसे गहरी लत हो


मैंने बहुत कोशिश की
कि तुम्हारे बिना भी
सामान्य रह सकूँ,
पर हर कोशिश
तुम्हारी याद के सामने हार गई।


अब हाल यह है
कि हर रास्ता
तुम तक जाकर खत्म होता है।

सुबह की पहली सोच तुम,
रात की आखिरी बेचैनी तुम।
तुम्हारी तस्वीर को देखे बिना
दिन अधूरा लगता है।


मैंने तुम्हें
इतना महसूस किया है
कि अब तुम्हारा नाम सुनकर भी
दिल काँप उठता है।
तुम मेरी वह आदत हो
जो अब रूह की ज़रूरत बन चुकी है।


और शायद
इसी को सच्चा,
बेहद गहरा प्रेम कहते हैं|




8. मेरी बाँहों की दुनिया



मैं चाहता हूँ
कि किसी लंबी रात
तुम मेरी बाँहों में सो जाओ
और दुनिया
हमसे बहुत दूर चली जाए।

मैं तुम्हारे माथे को
धीरे से चूमकर
तुम्हारी सारी थकान चुरा लेना चाहता हूँ।

तुम्हारी पलकों पर
ठहरी नींद को
अपनी उँगलियों से सहलाना चाहता हूँ।

तुम्हारे करीब रहना
मेरे लिए
साँस लेने जितना जरूरी हो चुका है।

मैं तुम्हारी हर धड़कन को
अपने सीने में महसूस करना चाहता हूँ।
और जब तुम मुझे देखो,
तो तुम्हारी आँखों में
सिर्फ मेरा ही संसार हो।

तुम्हारे साथ
हर स्पर्श प्रेम बन जाता है।

Comments