तुम अच्छी लगती हो मुझे… बहुत ज़्यादा।

 

तुम अच्छी लगती हो मुझे…
बहुत ज़्यादा।
इतना ज़्यादा कि अगर तुम कह दो,
तो मैं अपनी पूरी दुनिया छोड़ दूँ तुम्हारे लिए।

तुम्हें देखता हूँ तो दिल सज्दा करने लगता है,
जैसे किसी मुकम्मल दुआ का दीदार हुआ हो।
तुम अच्छी लगती हो मुझे,
मेरी हर हद से भी ज़्यादा।

तुम्हारी मुस्कुराहट में ऐसी कशिश है,
कि मैं अपना हर ग़म भूल जाता हूँ।
सच कहूँ…
तुम्हारे लिए मैं ख़ुद को भी छोड़ सकता हूँ।

तुम्हारे नाम का असर कुछ ऐसा है मुझ पर,
कि हर धड़कन सिर्फ़ तुम्हारा ज़िक्र करती है।
तुम अच्छी नहीं…
बेइंतिहा हसीन लगती हो मुझे।

अगर मोहब्बत इबादत है,
तो तुम मेरी सबसे पाक नमाज़ हो।
तुम्हारे लिए मैं हर ख़्वाब कुर्बान कर दूँ।

तुम्हारी आँखों में जो सुकून मिलता है,
वो कहीं और नहीं मिला मुझे।
इतना चाहता हूँ तुम्हें,
कि अपनी साँसें तक तुम्हारे नाम कर दूँ।

तुम अच्छी लगती हो मुझे इस क़दर,
कि अब दुनिया फीकी लगने लगी है।
हर रंग में बस तुम्हारा चेहरा दिखाई देता है।

तुम्हारे बिना ये दिल अधूरा-सा रहता है,
जैसे चाँद बिना रात के।
तुम्हारे लिए मैं हर रास्ता बदल सकता हूँ।

तुम्हारे क़रीब होने का ख़याल ही,
मेरी रूह को महका देता है।
तुम सिर्फ़ पसंद नहीं हो,
मेरी सबसे ख़ूबसूरत ज़रूरत हो।

मैंने बहुत लोगों को देखा है,
मगर तुम जैसी रूह कभी नहीं देखी।
तुम्हारे लिए मैं अपना वजूद तक मिटा दूँ।

तुम्हारे लबों की ख़ामोशी भी,
मेरे दिल में शोर मचा देती है।
इतनी मोहब्बत है तुमसे,
कि अब ख़ुद से भी ज़्यादा तुम अच्छे लगते हो।

अगर तुम साथ हो,
तो हर दर्द आसान लगता है।
और अगर तुम दूर हो,
तो सारी दुनिया वीरान लगती है।

तुम्हारे इश्क़ ने मुझे ऐसा पागल किया है,
कि अब हर दुआ में सिर्फ़ तुम्हारा नाम आता है।
तुम अच्छी लगती हो मुझे…
हद से ज़्यादा।

तुम्हारे लिए मैं अपनी हर ख़ुशी छोड़ सकता हूँ,
बस एक बार तुम मेरा हाथ थाम लो।
फिर मुझे किसी और जन्नत की चाह नहीं रहेगी।

तुम्हारी मौजूदगी से ही दिल धड़कता है,
वरना ये साँसें तो सिर्फ़ आदत हैं।
इतनी शिद्दत से चाहता हूँ तुम्हें।

तुम्हें खोने का ख़याल भी,
मेरी रूह को काँपा देता है।
क्योंकि तुम सिर्फ़ मोहब्बत नहीं,
मेरी पूरी कायनात हो।

तुम अच्छी लगती हो मुझे इस तरह,
जैसे सूखी ज़मीन को पहली बारिश।
तुम्हारे बिना सब अधूरा लगता है।

तुम्हारे इश्क़ में मैं हर हद पार कर दूँ,
अगर तुम कहो तो दुनिया से लड़ जाऊँ।
इतना दीवाना हूँ तुम्हारा।

तुम्हारी आवाज़ सुनते ही,
दिल की वीरान गलियाँ महक उठती हैं।
तुम्हारे लिए मैं हर दर्द हँसकर सह लूँ।

तुम अच्छी लगती हो मुझे…
इतना ज़्यादा कि अब डर लगता है।
कहीं तुम्हें खो दिया,
तो शायद मैं ख़ुद को भी खो दूँगा।

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