तुम्हारी खुशबू का कैदी
3. तुम्हारी खुशबू का कैदी
तुम्हारी खुशबू
मेरी साँसों में
इस तरह बस चुकी है
कि अब हर फूल
तुम्हारी याद दिलाता है।
तुम्हारे करीब आना
मेरे लिए
किसी प्यासे का
पहली बारिश को छू लेने जैसा है।
मैं तुम्हारी गर्दन के पास
धीरे से ठहर जाना चाहता हूँ,
जहाँ तुम्हारी धड़कनें
मेरे नाम का संगीत बनाती हैं।
तुम्हारी उँगलियों का हल्का स्पर्श
भी मेरे भीतर
सैकड़ों तूफान जगा देता है।
तुम्हें देखना
अब केवल देखना नहीं रहा,
वह मेरे लिए
एक गहरी तलब बन चुका है।
मैं तुम्हारी आँखों में
इतना खो जाना चाहता हूँ
कि दुनिया का कोई रास्ता
मुझे वापस न ला सके।
तुम्हारा प्रेम
मेरे भीतर
एक जलती हुई आग है
जिसमें मैं
हर रोज़ स्वेच्छा से जलता हूँ।
4. मैं तुम्हें खो नहीं सकता
तुम्हें खोने का विचार भी
मेरी आत्मा को काँपने लगता है।
तुम्हारे जाने का डर
मेरे भीतर
किसी अंधेरे जंगल की तरह फैल जाता है।
तुम्हारी आदत
इतनी गहरी हो चुकी है
कि अब तुम्हारे बिना
मैं खुद को पहचान नहीं पाऊँगा।
मैं चाहता हूँ
कि जब भी तुम टूटो,
तुम्हें सबसे पहले
मेरा कंधा याद आए।
तुम्हारी आँखों से गिरा
एक आँसू भी
मेरे भीतर
पूरी रात तूफान पैदा कर देता है।
तुम मेरी कमजोरी भी हो
और मेरी सबसे बड़ी ताकत भी।
यदि कभी
पूरी दुनिया मेरे खिलाफ हो जाए,
तो भी मैं
तुम्हारा हाथ नहीं छोड़ूँगा।
क्योंकि तुमसे जुड़ना
मेरे लिए
सिर्फ प्रेम नहीं,
जीने का कारण है।
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