अच्छा इंसान होना बहुत ज़रूरी है...
अच्छा इंसान होना बहुत ज़रूरी है,
क्योंकि चेहरे की सुंदरता
समय के साथ ढल जाती है,
पर आत्मा की उजली रोशनी
सदियों तक लोगों के हृदय में जलती रहती है।
धन का अहंकार
क्षणिक मेघों की तरह बिखर जाता है,
पर विनम्रता का स्पर्श
सूखी आत्माओं में भी
हरियाली भर देता है।
अच्छा इंसान वह नहीं
जिसके पास ऊँचे महल हों,
बल्कि वह है
जिसकी चौखट पर
थका हुआ मन सुकून पा जाए।
जिसकी वाणी में
कटुता नहीं, करुणा हो,
जिसकी आँखों में
स्वार्थ नहीं, संवेदना हो,
जिसके हाथ
सिर्फ़ अपने लिए नहीं,
दूसरों के आँसू पोंछने के लिए उठें।
इस संसार में
ज्ञान का मूल्य है,
धन का प्रभाव है,
सत्ता का आकर्षण है,
पर सबसे दुर्लभ संपत्ति
एक पवित्र चरित्र है।
अच्छा इंसान होना
किसी उपदेश का विषय नहीं,
यह आत्मा की तपस्या है,
जहाँ मनुष्य
अपने भीतर के अंधकार से लड़कर
प्रकाश बनता है।
जब कोई रोता हो
और तुम्हारे शब्द
उसके दुःख को हल्का कर दें,
जब कोई टूट रहा हो
और तुम्हारी उपस्थिति
उसे जीने का साहस दे दे,
तभी तुम सच में
मनुष्य कहलाने योग्य बनते हो।
जीवन की सबसे बड़ी सफलता
यह नहीं कि
लोग तुम्हारी दौलत गिनें,
बल्कि यह है कि
तुम्हारे जाने के बाद भी
लोग तुम्हारी अच्छाई को याद करें।
क्योंकि अंत में
नाम नहीं टिकते,
शोहरत नहीं टिकती,
सिर्फ़ कर्मों की सुगंध
समय के आँगन में रह जाती है।
इसलिए
अच्छा इंसान बनो—
ताकि तुम्हारे होने से
किसी का विश्वास जीवित रहे,
किसी का दुःख कम हो,
और यह दुनिया
थोड़ी और सुंदर बन सके।
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