कहानी शायद पहले से तय नहीं होती... By Rupesh Ranjan

कहानी शायद पहले से तय नहीं होती,

लेकिन कुछ लोग

हमारी ज़िंदगी में सिर्फ़ एक अध्याय बनकर आते हैं।


वे हमें हँसाते हैं,

हमारी आदत बन जाते हैं,

और फिर एक दिन

बिना शोर किए दूर चले जाते हैं।


हम सोचते रह जाते हैं

कि आखिर कमी कहाँ रह गई,

जबकि सच यह होता है

कि हर रिश्ता हमेशा के लिए नहीं बना होता।


कुछ लोग

बस हमें बदलने आते हैं,

कुछ हमें सबक देने,

और कुछ यह सिखाने

कि अकेले चलना भी ज़िंदगी का हिस्सा है।


इस दुनिया में

मिलना और बिछड़ना

दोनों ही प्रकृति के नियम हैं।

कोई भी हमेशा नहीं ठहरता—

न समय,

न लोग,

न भावनाएँ।


इसलिए जो चला गया

उसे जाने दो।

हर विदाई

किसी नई शुरुआत की जगह बनाती है।


क्योंकि ज़िंदगी रुकती नहीं,

वह हर टूटन के बाद भी

धीरे-धीरे आगे बढ़ना जानती है।

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