I love you❤❤
तेरे होंठों की तपिश जब मेरे क़रीब आती है,
मेरी हर साँस मोहब्बत में पिघल जाती है।
तेरी बाँहों की गिरफ़्त में खो जाऊँ इस तरह,
कि रात ख़ुद हमारी चाहत से शर्मा जाती है।
तेरी उँगलियों का लम्स रूह तक उतरता है,
मेरा हर एहसास तेरे इश्क़ में निखरता है।
तू जब धीमे से मेरा नाम पुकारता है,
दिल किसी मदहोश धड़कन-सा बिखरता है।
तेरी गर्दन पे बिखरती मेरी बेचैन साँसें,
जैसे बारिश में महक उठती हों ख़ामोश राहें।
मैं तुझे छू लूँ तो दुनिया ठहर जाए जानाँ,
तेरी क़ुर्बत में सिमट जाती हैं सारी चाहें।
तेरे जिस्म की हर ख़ुश्बू से मोहब्बत है मुझे,
तेरी हर नरम अदा से इबादत है मुझे।
तू क़रीब आए तो दिल बेक़रार हो उठे,
तेरी बाँहों में ही मिलती राहत है मुझे।
तेरे बालों की घनी छाँव में खोना चाहूँ,
तेरी धड़कनों के समंदर में डूबना चाहूँ।
तेरी नज़रों में जो जलता है चाहत का दिया,
उसी आग में मैं सारी रात जलना चाहूँ।
तेरे लब जब मेरे लबों से मिल जाते हैं,
सूखे एहसास भी गुलाबों से खिल जाते हैं।
तेरे इश्क़ का नशा कुछ ऐसा उतरता है,
कि हम ख़ुद से भी कहीं दूर निकल जाते हैं।
तेरे सीने से लगकर जो सुकून आता है,
वो किसी जन्नत के मौसम में कहाँ आता है।
मेरी तन्हा रातों की सबसे हसीं ख़्वाहिश तू,
तेरा एहसास ही दिल को धड़कना सिखाता है।
तेरी कमर पे ठहर जाएँ जो मेरी उँगलियाँ,
रात भर जाग उठें मोहब्बत की बिजलियाँ।
तू जो पलट के मुझे प्यार से देखे जानाँ,
थम-सी जाती हैं दिल की सारी हलचलियाँ।
तेरे बदन की महक चाँदनी जैसी लगे,
तेरी क़ुर्बत मुझे पहली बारिश जैसी लगे।
मैं तुझे छू के यूँ बिखर जाऊँ तेरे इश्क़ में,
जैसे दरिया को समंदर की तलब जैसी लगे।
तेरे होंठों से जो इक बार लगा लूँ ख़ुद को,
फिर किसी और नशे की ज़रूरत न रहे।
तेरे आगोश में कट जाए मेरी हर रात,
और इस इश्क़ को दुनिया की नज़र न लगे।
तेरे बदन पे ठहरती मेरी शरारती नज़र,
जैसे चाँदनी उतरी हो किसी झील के ऊपर।
तू जो पास आए तो साँसें महक उठती हैं,
तेरा एहसास ही काफी है मोहब्बत के लिए उम्रभर।
तेरी धड़कनों की गर्मी में पिघल जाऊँ मैं,
तेरी बाँहों की गिरफ़्त में सँवर जाऊँ मैं।
तू जो छू ले मुझे चाहत की नरमी से,
अपने ही एहसासों में बिखर जाऊँ मैं।
तेरी आँखों में जो शरारत-सी चमकती है,
मेरी रूह उसी आग में सुलगती है।
तू जो करीब आके साँसों से छू ले मुझे,
हर तमन्ना मेरी ख़ामोशी में धड़कती है।
तेरी रूह से भी आगे उतर जाना है,
तेरी साँसों में मोहब्बत बन बिखर जाना है।
तू मुझे इस तरह बाँहों में छुपा ले जानाँ,
कि हमें देख के मौसम को भी जल जाना है।
तेरी चाहत में बदन भी इबादत लगता है,
तेरा छू लेना मुकम्मल मोहब्बत लगता है।
मैं तेरे इश्क़ में इस हद तक डूबा हूँ,
कि हर रात तेरा आगोश ही जन्नत लगता है।
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