I miss you❤❤
तेरी आँखों की नमी में जो सुकून मिलता है,
वो किसी जन्नत की राहत में कहाँ मिलता है।
मैं तेरे इश्क़ में इस दर्ज़ा पिघल चुका हूँ,
कि अब ख़ुद अपना ही चेहरा अजनबी लगता है।
तेरी साँसों की महक रूह में उतर जाती है,
जैसे बरसात किसी सूखी ज़मीं पर उतरे।
मैं तुझे सोचूँ तो दिल फूल-सा खिल उठता है,
तू न सोचे तो मेरी रात भी पत्थर ठहरे।
तेरे लबों का तसव्वुर भी क़यामत लगता है,
तेरी ख़ामोशी का आलम भी मोहब्बत लगता है।
मैंने दुनिया में बहुत चेहरे देखे मगर,
तेरा चेहरा ही मुझे मेरी इबादत लगता है।
तू अगर पास हो तो वक़्त ठहर जाता है,
दिल किसी ख़्वाब की वादी में उतर जाता है।
तेरे होने से ही मुकम्मल है मेरी तन्हाई,
वरना हर शख़्स यहाँ मुझको बिखर जाता है।
तेरी ज़ुल्फ़ों की घनी छाँव में जीना चाहूँ,
तेरी बाँहों में ही हर शाम गुज़ारना चाहूँ।
मेरी हर धड़कन अमानत है तेरे नाम के साथ,
मैं तुझे टूट के इस हद तक पुकारना चाहूँ।
तेरी चाहत ने मुझे रूह से रौशन कर दिया,
मेरे वीरान से मौसम को गुलशन कर दिया।
मैं तो बस ख़ाक था बिखरा हुआ राहों में कहीं,
तूने छूकर मुझे मोहब्बत का दर्पण कर दिया।
तेरे दीदार की हसरत में पिघलती हैं रातें,
तेरे इंतेज़ार में भीगी रहती हैं बातें।
मैं तुझे भूल भी जाऊँ तो मुमकिन ही नहीं,
तेरी यादों से महकती हैं मेरी सारी साँसें।
तेरे बिन दिल का कोई शहर आबाद नहीं,
तेरे बिन मेरी दुआओँ में भी फ़रियाद नहीं।
तू मिले तो लगे सदियों की राहत मिल गई,
वरना इस रूह को जीने की भी बुनियाद नहीं।
तेरी आँखों में जो डूबा तो किनारा न मिला,
तेरे इश्क़ से बड़ा कोई सितारा न मिला।
मैंने हर दर्द को सीने से लगा कर देखा,
तेरे जैसा कोई दिलदार दुबारा न मिला।
तू मेरे दिल की वो तहरीर है मिटती ही नहीं,
मेरी रूहों में बसी ख़ुश्बू है जो जाती ही नहीं।
मैं तुझे चाहूँ तो सजदे में बदल जाती है रूह,
ये मोहब्बत है कि थमती ही नहीं।
तेरी आवाज़ मेरी रूह का संगीत लगे,
तेरा चेहरा मुझे चाँदों से भी ज़्यादा लगे।
मैं तेरे इश्क़ में इस तरह फ़ना हो जाऊँ,
जैसे दरिया किसी समंदर में समाता लगे।
मेरे एहसास की बारिश में भीग जाया कर,
मेरी तन्हाइयों की धड़कन में उतर आया कर।
तेरे बिना तो ये दुनिया भी अधूरी लगती है,
मेरी साँसों में मोहब्बत बन के समाया कर।
तेरे इश्क़ ने मेरी रूह को सजदा सिखाया,
मुझे बिखरे हुए लम्हों में भी जीना सिखाया।
मैं जो पत्थर था ज़माने की निगाहों में कभी,
तेरी चाहत ने मुझे मोम-सा होना सिखाया।
तू जो हँस दे तो बहारें भी महक उठती हैं,
तेरी आहट से मेरी राहें चमक उठती हैं।
मैं तुझे इतना मोहब्बत से सँभालूँ जानाँ,
कि तेरी आँख भी नम हो तो मेरी रूह सिसक उठती है।
तेरे इश्क़ में मेरी दुनिया का उजाला तू है,
मेरे वीरान मुक़द्दर का सवेरा तू है।
मैं अगर लफ़्ज़ हूँ तो मेरी ग़ज़ल तू ही है,
मेरे सीने में धड़कता हुआ दरिया तू है।
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