Love poems for my love

5. अधूरी रातों का प्रेम

कई रातें
मैंने तुम्हारी तस्वीर से बातें करते हुए बिताई हैं,
जैसे कोई पागल कवि
अपने ही शब्दों में खो जाए।

तुम्हारी याद
धीरे-धीरे
मेरे कमरे की दीवारों पर उतर आती है,
और फिर पूरी रात
मैं तुम्हारे साथ जीता हूँ।

तुम्हारे बिना
तकिया भी खाली लगता है,
और चाँद भी अधूरा।
मैंने तुम्हें
इतना चाहा है
कि अब मेरी हर प्रार्थना में
तुम्हारा नाम शामिल हो गया है।

तुम्हारे लौट आने की आशा
अब भी मेरे भीतर जलती है,
जैसे तूफानों के बीच
कोई अकेला दीपक।

यदि प्रेम पागलपन है,
तो मैं इस पागलपन में
सारी उम्र जीना चाहता हूँ।
तुम मेरी सबसे सुंदर आदत हो,
और मैं तुम्हें कभी छोड़ना नहीं चाहता।





6. तुम्हारी आँखों का समंदर


तुम्हारी आँखों में
एक पूरा समंदर बसता है,
जिसमें उतरकर
मैं हर बार डूब जाना चाहता हूँ।

तुम्हारी पलकें
मानो रात की वह सीमा हों
जहाँ चाँद आकर विश्राम करता है।

तुम्हारी आवाज़
किसी सूफी कव्वाली जैसी है—
धीमी,
गहरी,
और आत्मा तक उतर जाने वाली।

मैंने तुम्हारे चेहरे पर
सिर्फ सुंदरता नहीं देखी,
बल्कि वह मासूमियत देखी है
जो दुनिया में बहुत दुर्लभ है।

तुम्हारा हाथ पकड़ना
मेरे लिए
किसी युद्ध के बाद मिली शांति जैसा है।
मैं चाहता हूँ
कि आने वाले हर जन्म में
तुम्हारी ही आँखों में
अपना घर ढूँढ़ूँ|

तुम वह प्रेम हो
जिसने मुझे
बेहतर इंसान बना दिया।

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