Rupesh Ranjan poems on Mother....
1. माँ की हथेलियाँ
माँ की हथेलियों में
एक अद्भुत जादू होता है,
थके हुए माथे को छू दें
तो पीड़ा भी सो जाती है।
उन उँगलियों ने
न जाने कितनी बार
अपने हिस्से की रोटियाँ छोड़कर
हमारी भूख मिटाई होगी।
माँ कभी
अपने दुःखों का हिसाब नहीं रखती,
वह आँसुओं को भी
मुस्कान की ओढ़नी पहना देती है।
इस संसार में
यदि कहीं ईश्वर का स्पर्श है,
तो वह
माँ की हथेलियों में है।
2. माँ का आँचल
जब दुनिया
अपनों के बीच भी परायी लगे,
तब माँ का आँचल
सबसे सुरक्षित आश्रय बन जाता है।
उसकी गोद में
समय ठहर-सा जाता है,
और भय
धीरे-धीरे पिघलने लगता है।
माँ सिर्फ़ जन्म नहीं देती,
वह हर दिन
अपने प्रेम से
एक मनुष्य का निर्माण करती है।
जिसके पास माँ है,
उसके जीवन में
अब भी एक मंदिर जीवित है।
3. माँ और त्याग
माँ ने शायद
कभी अपने लिए जीवन जिया ही नहीं,
उसकी हर सुबह
हमारी ज़रूरतों से शुरू हुई,
और हर रात
हमारी चिंता में बीती।
वह स्वयं टूटती रही,
पर हमें बिखरने नहीं दिया।
उसकी आँखों में
कितने अधूरे सपने होंगे,
जिन्हें उसने
हमारी मुस्कान के लिए
चुपचाप दफ़ना दिया।
माँ त्याग की
सबसे सुंदर परिभाषा है।
4. बूढ़ी माँ
अब माँ की आँखों में
थोड़ी धुंध उतर आई है,
हाथ काँपते हैं,
कदम धीरे चलते हैं।
पर आज भी
जब मैं उदास होता हूँ,
वह बिना कहे
मेरा दुःख पढ़ लेती है।
समय ने
उसके चेहरे पर झुर्रियाँ लिख दीं,
पर मेरे लिए
वह आज भी
वैसी ही है—
जैसे बचपन की पहली सुबह।
कभी-कभी
बूढ़ी माँ की खामोशी में
पूरा जीवन रोता है।
5. माँ का प्रेम
माँ का प्रेम
नदी की तरह होता है—
निर्विघ्न, निरंतर, निष्काम।
हम चाहे
कितने दूर चले जाएँ,
उसकी दुआएँ
हमारे साथ चलती रहती हैं।
दुनिया के रिश्ते
अक्सर शर्तों पर टिके होते हैं,
पर माँ का प्रेम
सिर्फ़ प्रेम होता है।
जब सारी दुनिया
तुम्हें असफल कह दे,
तब भी
माँ की आँखों में
तुम्हारे लिए विश्वास बचा रहता है।
इस पृथ्वी पर
यदि कोई प्रेम
पूर्णतः पवित्र है,
तो वह
माँ का प्रेम है।
Comments
Post a Comment