बुरा लग रहा है, बर्दाश्त नहीं हो रहा...

बुरा लग रहा है, बर्दाश्त नहीं हो रहा,

उसने अपने जीवन का नया अध्याय चुन लिया।


मेरी आँखों में सवालों का समंदर है,

पर उसने अपने हौसलों का किनारा चुन लिया।


वो किसी की परछाईं बनकर नहीं जीती,

उसने अपनी पहचान का सितारा चुन लिया।


जो कदम उसने बढ़ाए हैं, साहस की मिसाल हैं,

उसने डर नहीं, अपने अधिकारों का रास्ता चुन लिया।


मैं दर्द में हूँ, ये सच है मगर,

उसने अपने सपनों को मरने नहीं दिया।


वो नारी है—झुकने के लिए नहीं बनी,

उसने खुद को चुना, और यही उसका सबसे बड़ा फैसला है।



Rupesh Ranjan



डर लग रहा है तुम्हें उसके आगे बढ़ने से,

क्योंकि अब वो नहीं रुकेगी किसी के कहने से।


जिसे तुमने कमज़ोर समझा था कभी,

वो आज खड़ी है अपने हौसलों के साथ सभी।


उसने आँसुओं को अपनी ताकत बना लिया,

हर ठोकर को सफलता का रास्ता बना लिया।


अब उसकी पहचान किसी नाम की मोहताज नहीं,

उसकी उड़ान पर किसी और का राज नहीं।


डर तुम्हारा है, उसकी जीत का नहीं,

वो बदल रही है, किसी की प्रीत का नहीं।


वो नारी है—चिंगारी भी, प्रकाश भी,

उसके आगे बढ़ने में ही उसका इतिहास भी।


Rupesh Ranjan

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