हम अभी ज़िंदा हैं...
हम अभी ज़िंदा हैं
मत समझो कि हम थक गए हैं,
बस कुछ पल के लिए शांत हैं।
जो समुद्र जितना गहरा होता है,
वह उतना ही कम बोलता है।
हमने अपनों को बदलते देखा है,
सपनों को बिखरते देखा है।
सच को हर मोड़ पर
झूठ के सामने झुकते देखा है।
हमने मेहनत को रोते देखा,
अहंकार को हँसते देखा।
ईमान के माथे पर
अपमान का ताज सजते देखा।
लेकिन...
हर घाव ने हमें
कमज़ोर नहीं,
और मज़बूत बनाया है।
हर असफलता ने
हमें गिराया नहीं,
खड़े होना सिखाया है।
अब हमारी साँसों में
तूफ़ानों का धैर्य है।
हमारी आँखों में
बिजलियों का तेज़ है।
हमारे कदमों में
पर्वतों का विश्वास है।
हमें डराओगे?
हम तो उन लोगों में हैं
जो राख पर चलकर भी
मंज़िल तक पहुँच जाते हैं।
जो अँधेरों के बीच भी
अपना सूरज खोज लेते हैं।
हमारी कहानी
आसान नहीं होगी।
लेकिन इतिहास
कभी आसान लोगों का नहीं होता।
हम उस पीढ़ी के लोग हैं
जो शिकायत नहीं,
संघर्ष लिखेगी।
जो बहाने नहीं,
भविष्य गढ़ेगी।
यदि रास्ते बंद मिले,
तो हम रास्ते बनाएँगे।
यदि दरवाज़े बंद मिले,
तो हम खिड़कियाँ खोलेंगे।
यदि आसमान छोटा लगे,
तो अपने हौसलों को और ऊँचा करेंगे।
क्योंकि...
हमारी ताक़त
हमारे हथियार नहीं,
हमारा चरित्र है।
हमारी पहचान
हमारी दौलत नहीं,
हमारा संघर्ष है।
आज हम अकेले हैं,
कल कारवाँ होगा।
आज हमारी आवाज़ धीमी है,
कल यही जन-गर्जना होगा।
जो लोग कहते हैं—
"तुम कुछ नहीं बदल सकते।"
उन्हें कहना...
एक चिंगारी ही
पूरा जंगल रोशन कर देती है।
एक विचार ही
पूरे युग की दिशा बदल देता है।
एक संकल्प ही
साम्राज्यों की नींव हिला देता है।
इसलिए...
चलो फिर उठें।
अपने डर को दफ़नाएँ।
अपने विश्वास को जगाएँ।
अपने कर्म को पूजा बनाएँ।
अपने जीवन को संदेश बनाएँ।
तूफ़ान आएँगे—आने दो।
चट्टानें रोकेंगी—रोकने दो।
समय परखेगा—परखने दो।
हम टूटेंगे नहीं।
हम रुकेंगे नहीं।
हम झुकेंगे नहीं।
जब तक इस धरती पर
सत्य की एक किरण बाकी है,
जब तक न्याय का एक स्वप्न बाकी है,
जब तक सीने में एक धड़कन बाकी है—
तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
क्योंकि...
हम हारने के लिए पैदा नहीं हुए।
हम इतिहास बदलने के लिए पैदा हुए हैं।
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