तू आ जाए तो...
तू आ जाए तो
बारिश और भी खूबसूरत लगे,
भीगी हुई इन राहों पर
तेरे साथ चलना
किसी ख्वाब जैसा लगे।
बूँदें यूँ ही गिरती रहें,
बादल यूँ ही बरसते रहें,
मैं कुछ न कहूँ,
तू कुछ न कहे,
बस हमारी खामोशियाँ
एक-दूसरे से मिलती रहें।
तेरे बालों में ठहरी बूँदें,
तेरी आँखों में बारिश,
और मेरे हाथों में
तेरा हाथ—
फिर इससे खूबसूरत
क्या होगा इस मौसम में?
अभी तो बारिश
तेरी याद दिलाती है,
तू आ जाए
तो शायद यही बारिश
हमारी कहानी सुनाए।
अभी हर बूँद में
तेरी कमी महसूस होती है,
तू साथ हो तो
हर बूँद में
तेरी मौजूदगी मिले।
बारिश रुक भी जाए
तो कोई शिकायत नहीं,
अगर तू मेरे पास हो—
क्योंकि फिर मौसम नहीं,
तेरा होना ही
मेरे लिए बारिश होगा।
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