Posts

मैं तुम्हें संभाल लूँगा

तुम्हारी बाँहों में नींद

कृष्ण का प्रभाव

जन्माष्टमी

तेरी मुस्कान

काश तुम चाहो

बुला लेना

बुला लेना

शायद यूँ ही चलेगा

तेरे रूठ जाने से...

अगर इश्क़ है मुझसे

वो ख़्वाब भी, हक़ीक़त भी

तुम हो मेरे पास, पर फिर भी दूर

हम सच में नंगे हैं...

“भेड़िए घात लगाकर बैठे हैं।”